क्या खो गया किस चीज से डर गया हूँ मैं। क्या खो गया किस चीज से डर गया हूँ मैं।
बेहतर के चक्कर में कुछ ना कर पाया, उसकी नाकामयाबी के जनाजे निकल गए। बेहतर के चक्कर में कुछ ना कर पाया, उसकी नाकामयाबी के जनाजे निकल गए।
पहला पहला दिन था और आँख लड़ गयी। मै सुन्न खड़ा रहा वो आगे बढ़ गयी। पहला पहला दिन था और आँख लड़ गयी। मै सुन्न खड़ा रहा वो आगे बढ़ गयी।
बनाने में किसी का तन गया, किसी का बचपन गया। बनाने में किसी का तन गया, किसी का बचपन गया।
खुश रहो सदा, चाहे रहो, जहाँ कहीं। खुश रहो सदा, चाहे रहो, जहाँ कहीं।
निग़ाह उसकी है तुझ पर हमेशा अपने जीवन में तू, क्या कर रहा है ..! निग़ाह उसकी है तुझ पर हमेशा अपने जीवन में तू, क्या कर रहा है ..!